एसिडिटी की आयुर्वेदिक पंतजलि दवा | पतंजलि गैस की टेबलेट | Ayurvedic Patanjali medicine for acidity in hindi

एसिडिटी की आयुर्वेदिक पंतजलि दवा – ( पतंजलि गैस की टेबलेट ) देश में लगभग 32 % लोगो को एसिडिटी की समस्या रहती है लेकिन किसी को ज्यादा एसिडिटी रहती है तो किसी को सामान्य गैस की प्रोबलम होती है यह एसिडिटी की समस्या हमारे खाने पिने के तौर तरीके सही न होने की वजह से होता है क्योकि आज लोगों को स्वास्थ्य के प्रति ध्यान कम है और अन्य रोजगार से समन्धित ज्यादा फ़िक्र रहती है जिसके कारण इस प्रकार की सामान्य बीमारियाँ उत्पन्न होती है लेकिन दोस्तों यही बीमारियाँ धीरे-धीरे भयंकर बीमारी का रूप ले लेती हिया जिसके कारण काफी तकलीफ देती है |

एसिडिटी की आयुर्वेदिक पंतजलि दवा
एसिडिटी की आयुर्वेदिक पंतजलि दवा

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आज का यह आर्टिकल आपको एसिडिटी की आयुर्वेदिक पंतजलि दवा के बारे में विस्तार से बताया जाएगा जिससे आपको इस बीमारी से बिलकुल छुटकारा मिल जाएगा और यह बीमारी आपको कभी दुबारा भी नही परेशान करेगी और यह आयुर्वेदिक दवा आप केवल घरेलू सामग्रियों के जरीय बड़ी आसानी से बना सकते है |

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Ayurvedic Patanjali medicine for acidity in hindi

दोस्तों एसिडिटी की समस्या अक्सर हमारे खान-पान की गलत आते जैसे चिकना तला हुआ भुनावा पदार्थ खाने या फिर बेसन से संबंधित कोई भी पोस्ट मिठाइयां हैं उनका सेवन करने से अक्सर पेट दर्द एवं एसिडिटी की प्रॉब्लम देखने को मिलती है और यह सब कारण आपके खाने पीने की गलत आदतों की वजह से होता है ऐसा नहीं है कि आप ही ऐसी गलतियां करते हैं भारत में लगभग 65% लोग इस एसिडिटी के शिकार हैं और वे सभी अपने खाने-पीने की तौर-तरीकों में बदलाव नहीं करते हैं अपने स्वास्थ्य के प्रति किसी प्रकार का ध्यान नहीं रखते हैं |

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acidity ke liye ayurvedic medicine in hindi

जिसकी वजह से एसिडिटी गैस बदहजमी जैसी समस्या सामने आती है जीत के बाद पेट दर्द, उल्टियां, दस्त होना मुंह से खट्टी डकार होना, बार बार उबासी आना, सर दर्द जैसी अनेक समस्याएं आपको नजर आती है और यह सभी प्रॉब्लम आपकी एसिडिटी प्रॉब्लम की वजह से होती है जिसका ख्याल रखना आपको बहुत ही आवश्यक है लेकिन आज जो हम आपको एसिडिटी की आयुर्वेदिक पंतजलि दवा के बारे में बताने जा रहे हैं यह दवा वास्तव में काफी लाभदायक है चाहे आप भोजन के सभी करें लेकिन भोजन करने के पश्चात् इस आयुर्वेदिक ए पंतजलि दवा का इस्तेमाल करें तो आपकी एसिडिटी की प्रॉब्लम आगे कभी नहीं देखने को मिलेगी |

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एसिडिटी होने का प्रमुख कारण ( acidity ki ayurvedik pantjali dva )

( acidity ki ayurvedik pantjali dva ) एसिडिटी की समस्या होने का प्रमुख कारण यह है कि आप नियमित रूप से आवश्यक मात्रा में शरीर के अंतर्गत लिक्विड के रूप में कोई भी तरल पदार्थ का सेवन नहीं करेंगे तो आपकी जो आहार नाल की श्वास नलिका है उसके बीच में अमरूद यानी बाधा उत्पन्न हो जाती है जिसके कारण इस आहार नाल की संक्रिया काफी बढ़ जाती है जिसके कारण और अन्य से ऊपर से जो भी आप मैटेरियलिया भोज्य पदार्थ का सेवन करते हैं तो उसी देव आहार नाल में ने जाकर अन्य जानते हैं वहां तक रुक जाता है |

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जिसके कारण भोजन की वृद्धि के कारण खट्टी डकार एसिडिटी पेट दर्द जैसी समस्या देखने को मिलती है और यह भोजन की आहार नाल हर समय खुली नहीं रहती है क्योंकि जब भी आप भोजन करते हैं तो उस समय जब निकलने की क्रिया होती है तो उस समय आहार नाल यानि बजे नाल का द्वार ओपन हो जाता है और भोजन अंदर जाने के पश्चात यह बंद हो जाती है |

यह प्रक्रिया अगर आपको सही तरीके से चलती रहे या नहीं इसमें जितना ठोस पदार्थ के रूप में आप सेवन करेंगे तो उसके साथ लिक्विड फॉर्म का होना भी बहुत ही आवश्यक है और यह सभी आपस में जब मिल जाएंगे तो भोजन की 6:00 बजे की प्रक्रिया काफी तेज हो जाएगी इससे एसिडिटी और गैस की समस्या आपको कभी नहीं होगी |

एसिडिटी के प्रमुख लक्षण ( acidity ki ayurvedic aushadhi in hindi )

  • acidity से परेशान मरीज को सीने में जलन रहती है जिसके कारण कोई भी कार्य करने एवं खाने-पीने की बिल्कुल इच्छा कम हो जाती है |
  • एसिडिटी का स्तर जब काफी ज्यादा बढ़ जाता है तो सीने में दर्द भी होना शुरू हो जाता है जिससे पूरे दिन हल्का-हल्का सीना में दर्द रहती है साथ में जलन भी होती रहती है |
  • जब रोगी को एसिडिटी की प्रॉब्लम रहती है तो उस समय मुंह से खट्टी डकार आना एवं मुंह से पानी आना एक आम समस्या रहती है और यह समस्या तब होती है जब काफी भयंकर एसिडिटी की समस्या होती है |
  • एसिडिटी की वजह से व्यक्ति को काफी भयंकर उल्टियां यानी हुआ मन होना भी एक सामान्य स्थिति है ऐसी स्थिति में रोगी के मुंह से अल्सर फूट जाने के कारण खून भी आना शुरू हो सकता है |
  • एसिडिटी होने पर आपको पेट दर्द बदहजमी गैस एसिडिटी के प्रमुख लक्षण होते हैं जिससे व्यक्ति काफी परेशान रहता है और पूरे दिन यह दर्द हल्का हल्का रहता है |
  • जब एसिडिटी का स्तर काफी बढ़ जाता है तो उससे व्यक्ति को काफी परेशान करता है और कैंसर होने की समस्या देखने को मिलती है लेकिन आप बिल्कुल घबराए नहीं जो आज हम आपको घरेलू उपचार बताने वाले हैं एसिडिटी समस्या का तो उसमें जो एसिडिटी की आयुर्वेदिक पंतजलि दवा का उपयोग करेंगे तो बिल्कुल आराम मिलेगा |
  • उलटी दस्त होना |
  • खट्टी डकारें आना |
  • मुहं से काफी भयंकर बदबू आना |
  • आपकी भूख बिलकुल शांत होना |

एसिडिटी की आयुर्वेदिक पंतजलि दवा | acidity ki ayurvedik pantjali dva in hindi

1 . अजवाइन और निम्बू का रस असरदार ( acidity ki ayurvedik pantjali dva in hindi )

अजवाइन भी एंटीमाइक्रोब एरियल की तरह कार्य करता है इसमें जो तत्व पाए जाते हैं वह आयुर्वेदिक तत्वों से भरपूर है आप अजवाइन को एंटी एक्सीडेंट एवं एंटीबैक्टीरियल की तरह कार्य करता है जो आपके भोजन की जया बजे की क्रिया को तेजी से विकसित करता है जिससे भोजन का डाइजेशन काफी तेजी से होता है जिसके कारण गैस की समस्या एवं एसिडिटी की प्रॉब्लम दूर करने में बहुत हीं सहायक है साथ में नींबू भी विटामिन सी का सबसे अच्छा स्रोत है नींबू एवं अजवाइन के इस मिश्रण लिक्विड का अगर आप नियमित रूप से खाना खाने के पश्चात या फिर सुबह खाली पेट इस्तेमाल करते हैं तो गैस की समस्या से बिल्कुल छुटकारा मिल सकता है 

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2 . अदरक और जीरा एसिडिटी में गुणकारी है ( acidity ki dawa patanjali in hindi )

 अदरक का पानी एवं जिले में एंटी ऑक्सीडेंट एवं एंटीबैक्टीरियल गुणों की प्रचुरता होती है साथ में इसमें जो भी माइक्रोग्लियल एवं औषधीय गुण भरपूर होते हैं जो आपके भोजन के बचाने की क्रिया को तेजी से कार्य करने में सहायक है आप अदरक के पानी एवं जीरे को अच्छी तरह से उबाले उबालने के बाद चाय के समान इसकी गुड लेना है यह आपकी जो भोजन की पचाने की क्रिया है उसको तेजी से विकसित करता है एवं आमा से एवं जो हाल है जिसे आहार नाल भी कहा जाता है आहार नाल के पौधे को जल्दी पचाने में बहुत ही सहायक है साथ में जो भी बेक्टीरिया  एवं फंगस है उनको भी मारने में बहुत ही सहायक है

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3 . आयुर्वेद का त्रिफला चूर्ण एसिडिटी दूर करने में सहायक है ( acidity ke liye patanjali ki dawa in hindi )

 आयुर्वेदिक औषधियों में त्रिफला चूर्ण को बहुत ही कारगर औषधि के रूप में बताया गया है और यह एसिडिटी जैसी समस्या जैसे खट्टी डकार आना वह धन का सबसे अच्छी तरह से नहीं होना ऐसी स्थिति में त्रिफला चूर्ण बहुत ही रामबाण औषधि है आयुर्वेदिक ए दवाइयों में त्रिफला चूर्ण को बहुत ही की भांति औषधि के रूप में बताया गया है और एसिडिटी की आयुर्वेदिक की पंतजलि दवा में त्रिफला चूर्ण को बाबा रामदेव द्वारा भी असरदार बताया गया है लोग इसका रिजल्ट भी देखते हैं तो काफी बेहतर रिजल्ट देखने को मिलता है अगर आप लगातार इस चीज का सेवन करते हैं तो आगे भविष्य में भी आपको एसिडिटी गैस बदहजमी जैसी समस्याओं से निजात हल मिल सकता है |

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4 . सोंफ एसिडिटी में गुणकारी है ( acidity ayurvedic medicine patanjali in hindi )

 सोंफ भी एसिडिटी जैसी खतरनाक समस्याओं से निजात पाने में बहुत ही गुणकारी है इसमें एंटी ऑक्सीडेंट एवं एंटीबैक्टीरियल गुणों की प्रचुरता होती है साथ में एंटी इन्फ्लेमेटरी के गुण भी पाए जाते हैं जो आपकी भोजन की बताने की क्रिया है उसको तेजी से विकसित करता है तथा भोजन में जो विकार उत्पन्न होते हैं उन विकारों को दूर करने में भी बहुत सारे के साथ में पेट गैस के साथ-साथ पेट दर्द एवं भूख नहीं लगने की स्थिति में भी खट्टी डकारे आना ऐसी समस्याओं की में शॉप बहुत ही असरदार ई बताया गया है आयुर्वेदिक दवाइयों में जैसे त्रिफला चूर्ण है उसमें सोंफ  की मात्रा भी पाई जाती है जो बहुत ही कारगर औषधि है |

5 . तुलसी और नारियल का पानी एसिडिटी में किफायती है ( acidity ka ilaj in patanjali in hindi )

 दोस्तों जब भी आपको एसिडिटी यानी बदहजमी गैस आदि की समस्या उत्पन्न हो तो उस समय आप नारियल के पानी में तुलसी की सात से आठ पत्तियों का रस निकालकर आप नियमित रूप से भोजन करने के तत्पश्चात उपयोग करेंगे तो इससे एसिडिटी एवं बदहजमी गैस खटीक डकारे आना ऐसी समस्याओं से छुटकारा पाने में बहुत ही असरदार होती है आयुर्वेद में भी बताया गया है |

अगर आप भोजन के पश्चात नारियल के पानी का उपयोग करते हैं तो यह विटामिन सी का सबसे अच्छा स्रोत है और भोजन करने के पश्चात भोजन का लिक्विड फॉर्म में बदलना एवं भोजन के अवशोषण करना बहुत ही आवश्यक है और यह तत्व या लिक्विड आपके भोजन को लिक्विड फॉर्म में बदलने में बहुत ही सहायक है इसलिए आज सुबह और शाम एक गिलास नारियल का पानी एवं तुलसी की पत्तियों को मिलाकर उपयोग में लेते हैं तो गैस की समस्या एवं एसिडिटी की प्रॉब्लम आती जड़ से खत्म हो जाएगी आयुर्वेद में सबसे बेशकीमती औषधि के रूप में नारियल पानी एवं तुलसी को बताया गया है | 

एसिडिटी से बचने की सामान्य सावधानियां | acidity ki dawa ayurvedic in hindi

  • आप कभी भी तले हुए चटपटे मसालेदार भोजन पदार्थ यानी कचोरी समोसा का सेवन बिल्कुल ना करें |
  • अत्यधिक मात्रा में नशीले पदार्थ यानी बीड़ी सिगरेट पान तंबाकू आदि का सेवन ना करें यह एसिडिटी के प्रमुख कारण होते हैं |
  • ज्यादा देर तक आपको नींद नहीं निकाली है समय पर आपको नींद लेना है और सीमित मात्रा में नींद लेना आवश्यक है |
  • ज्यादा देर तक आपको भूख नहीं भूखा नहीं रहना है समय पर अपने भोजन का उपयोग करें  |
  • खाना खाने के पश्चात तुरंत अपने बिस्तरों  में लेटना नहीं है इधर-उधर 1000 कदम चलना होता है चाहे भोजन शाम का हो या सुबह का दोनों टाइम यह प्रक्रिया सेम करनी है |
  • मसालेदार जो भी मिर्च मसाले हैं उनका सेवन कम करें |
  • नियमित रूप से सुबह उठकर हल्के व्यायाम करना बहुत ही आवश्यक है |
  • यह जरूरी टेप से आप अपने जीवन में उतारना बहुत ही जरूरी है इनका पालन भी करना बहुत ही आवश्यक है तब आप एसिडिटी की याद गैस की कब्ज की समस्या है उनसे बिल्कुल छुटकारा मिलेगा |

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