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रिफाइंड तेल खाने से क्या नुकसान होता है | रिफाइंड तेल कैसे बनता है | Advantages And Disadvantages of Eating Refined Oil

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रिफाइंड तेल खाने से क्या नुकसान होता है , रिफाइंड तेल खाने के फायदे , रिफाइंड तेल कैसे बनता है , What Are The Disadvantages of eating Refined Oil in Hindi , सरसों के तेल खाने के क्या क्या फायदे है , रिफाइंड तेल से कोन – कोन सी बीमारिया उत्पन्न होती है , Riphaind tel khaane ke miksan kya kya ho sakte hai , अधिक तेल खाने से क्या होता है , Advantages And Disadvantages of Eating Refined Oil , Riphaind tel ke kya nuksan hai , रिफाइंड तेल क्यों नही खाना चाहिय ,

बाजारों में बहुत सी कम्पनिया रिफाइंड तेल देने का वादा करती है वे कोलेस्ट्रोल फ्री रिफाइंड तेल बताते है मगर फ्रेंड्स आपको पता है की जो आप बाजार से तेल को खरीद कर लेट है वो बिलकुल रिफाइंड है नही पता है तो में बताता हूँ जी हाँ फ्रेंड्स बाजार में सभी प्रकार के मिलने वाले तेल रिफाइंड नही होते है उनमे बहुत से प्रकार के केमिकल्स मिलाए जाते है जिससे तेल को फ़िल्टर किया जाता है और उनमे सुगन्धित केमिकल्स डालकर रिफाइंड बनाया जाता है अभी इन दिनों कोरोना काल के चलते लोग बाजारों में कोलेस्ट्रोल फ्री तेल के पीछे बहुत जाते है और बाजार में बहुत से तेल के रिफाइंड ब्रांड्स है

रिफाइंड तेल खाने से क्या नुकसान होता है

Table of Contents

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जो रिफाइंड का दावा करते है लेकिन फ्रेंड्स यह तेल किसी प्रकार से रिफाइंड नही होता है इसमें अनेको प्रकार के केमिकल्स डालकर तेल के रंग को बदलकर बाजार में उपलब्ध करवाते है जिससे आपको पता है क्या इस तेल आपके चेहरे की स्किन , हड्डिया कमजोर हो जाती है पेट के चारो और फेट या चर्बी का निर्माण करता है और आपके कोलेस्ट्रोल का जो लेवल है उसको बढ़ा देते है जिससे आपका रक्त का परिसंचरण बिलकुल धीमा हो जाता है और आपको दिल का दोरा या हार्ट अटैक जैसी बीमारिया होने की सम्भावना होती है

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रिफाइंड तेल खाने से क्या नुकसान है | What Are The Disadvantages of eating Refined Oil in Hindi | Riphaind tel ke kya nuksan hai

आप लगातार रिफाइंड तेल के नाम पर बाजार में मिलने वाले तेल का उपयोग खाने में ज्यादा करोगे तो शरीर के अंदर बहुत सी बीमारिया जन्म लेगी दोस्तों होता क्या है की तेल को रिफाइंड करने के लिय तेल में 8 से 10 प्रकार के केमिकल्स का प्रयोग किया जाता है जिससे तेल पतला और शुद्ध एवं सुगन्धित बन जाता है और तेल को गर्म करने पर ही तेल की सुगन्धित खुशबु आपके दिमाग को आकृषित करती है जिससे आपके बोडी के कोलेस्ट्रोल एवं ब्लड प्रेशर के संतुलन को ख़राब करती है तेल का ज्यादा खाने में सेवन करने से आपको हार्ट अटैक , केंसर जैसी खतरनाक बीमारियों से झुझना पड़ सकता है इसलिय फ्रेंड्स आप खाने में ज्यादा तेल का सेवन ना करे और बाजार के रिफाइंड तेल की बजाय आप कच्ची घानी के तेल का इस्तेमाल करे जिससे आपका कोलेस्ट्रोल लेवल काफी हद तक मेंटेन यानि control होगा

आज के समय में रिफाइंड तेल कम नुकसान करता है | In todays time refined oil does less harm in hindi

फ्रेंड्स आपको गलत वहम है रिफाइंड तेल भी आपके स्वास्थ्य के लिय बहुत ही नुकसान दायक है क्योकि जब कम्पनिया तेल को रिफाइंड करती है तब तेल को हाई टेम्प्रेचर पर गर्म किया जाता है जिससे तेल में मोजूद जितने भी आवश्यक गुण या पोषक तत्व मोजूद होते है जो आपकी बोडी के लिय फायदेमंद है वे सब नष्ट हो जाते है जिसके बाद इस तेल को जैसे ही हम उपयोग में लेते है तो हमारे शरीर में अनेको समस्या हो जाती है जैसे आपके जोड़ो घुटनों के दर्द पेट की चर्बी बढना हाथो पेरो में सुजन और शरीर में एनर्जी बिलकुल नही होना और ज्यादा उम्र के लोगो को तो कोलेस्ट्रोल और ब्लड प्रेशर की भी प्रोब्लम हो जाती है कहते है की रिफाइंड तेल से आपकी बोडी को हेल्दी बनता है

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लेकिन फ्रेंड्स आपने कभी सोचा है की रिफाइंड कम्पनिया आज से 20 साल पहले की है तो फिर लोग कोलेस्ट्रोल की वजह से अपनी जान क्यों गवा रहे है ये सब बकवास है रिफाइंड तेल में ज्यादा जहरीले केमिकल्स का इस्तेमाल करके इस कच्चे तेल को और ज्यादा अशुद्ध बनाते है इसलिय आप खाने में ज्यादा मात्रा में तेल का इस्तेमाल ना करे तो ही बेहतर होगा रिफाइंड तेल कुछ नही है सब आपकी बोडी पर गलत प्रभाव डालते है इसलिय आप खाने में गाय का देशी का इस्तेमाल करे या फिर कच्ची घानी का तेल उपयोग में लेना बहुत ही फायदेमंद होगा

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खाने में कोनसे तेल का इस्तेमाल करना चाहिय ? | Which oil should be used in food in hindi | Khane me konse tel ka istemal karna chahiy ?

हमारे स्वास्थ्य के लिय आप बाजार के सभी रिफाइंड तेल को छोड़कर जो भी प्राक्रतिक वनस्पतियों वाला तेल है यह तेल सबसे शुद्ध माना गया है इस तेल में जो हमारी बोडी के लिय जरुरी प्रोटीन , विटामिन , मिनरल्स की आवश्यकता होती है वे सब गुण इस प्राकतिक वनस्पति के तेल में मोजूद होते है यह आपकी बोडी के लिय कोलेस्ट्रोल लेवल को भी control करता है यह तेल खाने में अस्वादिष्ट होता है वनस्पति तेल में ज्यादा बस आती है और इसमें चिकनाई चिपचिपापन अधिक होता है जिससे लोग खाना पसंद नही करते है

क्योकि आज हमारे देश के अधिकतर लोगो को पता ही नही है की कोनसा तेल शुद्ध है और कोनसा तेल जहरीला है इसलिय आप दोस्तों से मेरी अपील है की आप खाने में ज्यादा काची घानी के वनस्पति वाला प्राक्रतिक तेल को खाने में उपयोग करे आज जो बाजारों में रिफाइंड तेल की चर्चा की जा रही है उस तेल में गर्म करने के बाद अनेको प्रकार के कमिकल्स मिलाए जाते है

जिनसे तेल के अंदर जो पोषक तत्व मोजूद होते है उनको नष्ट कर दिया जाता है और वहा पर जहरीले केमिकल्स को मिलकर उसकी सिग्न्ध और चिपचिपापन को अलग कर दिया जाता है जिससे आपको खाने में स्वादिष्ट बनाकर बाजारों में उपलब्ध करवा दी जाते है जिससे लोगो को जोड़ो का दर्द . घुटनों का दर्द , हार्ट अटैक , केंसर जैसी अनेको बीमारिया बोडी के अंदर जन्म लेती है जिससे आगे चलकर आपकी बोडी को बिलकुल ख़राब कर देते है

खाने में सरसों का शुद्ध प्राकतिक तेल सबसे अच्चा माना गया है | Pure natural mustrad oil is considered the best in food in hindi

सरसों का तेल हमारी बोडी के लिय बहुत ही फायदेमंद होता है सरसों का तेल हमारे खेतो में इगाई जाने वाली सूरजमुखी के बीजो दवारा तैयार किया जाता है इस तेल में कई प्रकार के एंटी ओक्सिडेंट के गुण पर्याप्त होते है जो आपकी बोडी को डी टोक्सिक होने में मदद करता है सरसों के तेल को वैज्ञानिक पढ़ती में ब्रेसिका जुनसा नाम से जाना जाता है और अंग्रेजी में इसे मस्टर्ड भी कहा जाता है

इस तेल का इस्तेमाल खाने में करने से आपके शरीर में जो भी रोग विकार है जैसे आपकी हड्डियों के लिय केल्शियम एवं फास्फोरस भी खास जरूरत होती है उनका निर्माण करने में सहायता करता है

सरसों के तेल का खाना बड़ा स्वधिष्ट होता है जो आपकी बोडी के लिय जिन पोष्टिक तत्वों की आवश्यकता होती है उनकी पूर्ति करता है और बोडी को बीमारियों से बचाव भी करता है इसलिय आप खाने में सरसों के बीजो से तथा पत्तियों के द्वारा बनाए जाने वाले शुद्ध सरसों के तेल का इस्तेमाल करे

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आमतौर पर सरसों के तेल को दो प्रकार में बताया गया है

1 कच्ची घानी का सरसों तेल 2 . रिफाइंड सरसों तेल

1 . कच्ची घानी का सरसों तेल

काची घानी के सरसों तेल में अनेको पोषक तत्व होते है और इस तेल में बॉस तो आती है मगर बहुत ही फायदेमंद होता है और इसमें चिकनाई भी बहुत ज्यादा होती है इस तेल का इस्तेमाल आप जोड़ो घुटनों के दर्द पर आप मालिश करने में भी प्रयोग कर सकते है इसमें आपकी बोडी के पाचन तन्त्र में भी मदद मिलती है और आपके खाने का डायजेशन सिस्टम भी control होता है जिससे आपका कोलेस्ट्रो तथा ब्लड प्रेशर भी नार्मल रहता है इसलिय आप खाने में काची घानी के सरसों तेल का इस्तेमाल करे

2 . रिफाइंड सरसों का तेल

जितना काची घानी का सेल शुद्ध है उतना रिफैन्द सरसों के तेल सिद्ध नही होता है क्यों सरसों के रिफैंड़तेल में जो इन्क्रियंस मोजूद होते है वो तेल को रिफाइंड करने के बाद नष्ट हो जाते है क्योकि तेल को रिफाइंड करने के लिय उच्च ताम पर गर्म किया जाता है और गर्म करने से तेल के अंदर जो भी विटामिन्स एवं मिनरल्स होते है वो सब नष्ट हो जाते है जिससे आपकी बोडी का निर्माण नही होता है

सरसों के तेल खाने के क्या क्या फायदे है

सरसों का तेल जोड़ो तथा घुटनों के दर्द में राहत देता है

हमारी बोडी के सिस्टम को बनाए रखने में सभ प्रकार के मिनरल्स , प्रोटीन , विटामिन इन सब का अलग अलग्महत्व होता है इनसे हमारी बोडी का संतुलन बना होता है उसी प्रकार तेल भी हमारी बोडी के लिय बहुत ही आवश्यक है क्योकि सरसों के तेल में विटामिन तो नही होते है मगर प्रोटीन व् मिनरल्स की मात्रा भरपूर होती है जो हमारी बोनस या हड्डियों के लिय बहुत ही आवश्यक है

क्योकि हड्डियों को मजबूत बनाने तथा उनका निर्माण करने में केल्शियम एवं फास्फोरस की आवश्यकता होती है और ये सभी तत्व सरसों के तेल में भरपूर होती है साथ में आपकी त्वचा स्किन को कोमल एवं मुलायम बनाने तत्व जोड़ो के द्र्द्पर मसाज करने से भी दर्द से छुटकारा मिलता है

पाचन शक्ति बढ़ाने के आसान 10 घरेलू उपाय – 2021

दिल का दोरा या हार्ट अटैक के रोगी के लिय फायदेमंद है

सरसों के तेल में हाई कोलेस्ट्रोल के एंटी ओक्सिडेंट के गुण होते है और यह फेटिक एसिड का निर्माण करते है जिससे आपका ब्लड प्रेशर भी control होता है और आपके रक्त को गधा नही होने देता है इससे आपका रक्त का परिसंचरण भी अच्छी तरह से धमनियों एवं शिराओ में दोडेगा और साथ में कोलेस्ट्रोल का जो बढ़ता लेवल है उसको भी कम करने में सहायता करता है इससे आपकी बोडी का मोटापा नही बढेगा और स्किन की भी कोई भी समस्या है उनका निवारण भी करता है

कैंसर के उपचार में सरसों के तेल का इस्तेमाल

इस बीमारी से बचना बड़ा बहुत ही मुश्किल होता है इस बीमारी से बचने की कोशिश बहुत लोग करते है मगर इसका इलाज होना बड़ा मुश्किल होता है लेकिन आयुर्वेदिक के एक शोध में पता चला है की सरसों के तेल में कई ओषधिय गुण होते है जो आपकी बोडी की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है क्योकि इसके अंदर एंटी केंसर युक्त पदार्थ होते है

जो इस बीमारी के जो भी जीवाणु या बेक्टीरिया है उनको आगे बढ़ने से रोकने में मदद करता है फैतिक एसिड आपकी हृदय गति को control करने में सहायता करता है जानकारी के तौर पर बता दे की फ्रेंड्स भारत में इससे बड़ी कोई खतरनाक बीमारी नही है

अगर आप समय पर इलाज नही करवाते हो तो आप अकेले सरसों के तेल को ही सबकुछ केंसर का उपचार मत समझना क्योकि सरसों के तेल को आप खाने में उपयोग ले सकते है आप कोई भी कैसर उपचार के doctor से सलाह जानकारी जरुर ले ताकि बीमारी का सही समय पर इलाज हो सके |

मांस पेशियों को मजबूत बनाने में सरसों का तेल | mustard oil to strengthen muscles in hindi | manspeshiyo ko majbut banane me sarso ka tel khana chahiy

हमारी शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिय सरसों के तेल को बहुत ही फायदेमंद बताया गाय है कहते है की सरसों के तेल को गर्म करने के बाद आप अपनी बोडी की मसाज करते हो तो आपकी सभी मांसपेशिय बिलकुल चिकनी सुन्दर एवं मजबूत हो जाएगी मांसपेशियों में जो सुजन है उसको कम करने में बहुत ही लाभदायक है क्योकि सरसों के तेल में कई प्रकार के पोष्टिक तत्व होते है

जैसे प्रोटीन का निर्माण भी सरसों का तेल लाभदायक है , मिनरल्स की समस्या को दूर करने में सहायता करता है जिससे बोडी में रक्त का परिसंचरण बड़ी आसानी से शरीर के सभी भागो में पहुँचाने में मदद करता है

रिफाइंड तेल से कोन – कोन सी बीमारिया उत्पन्न होती है ? | Which Diseases Arise From Refined Oil in hindi ? | Riphaind tel se kon – kon si bimariya hoti hai ?

किसी भी तेल को रिफाइंड करने से उसमे जो जरुरी पोषक तत्व होते है वे सभी नष्ट हो जाते है क्योकि तेल को रिफाइंड करने के लिय उच्च ताप की आवश्यकता होती है और किसी भी पदार्थ में जरुरी पोषक तत्व जैसे प्रोटीन , विटामिन्स , मिनरल्स होते है ये सभी गर्म करने से नष्ट हो जाते है जिसके कारण बोडी में कैंसर , डायबिटीज , कोलेस्ट्रोल , बदल प्रेशर , हार्ट अटेक , जोड़ो घुटनों में दर्द , आदि बीमारियों का जन्म हमारी बोडी के अंदर हो जाता है क्योकि रिफाइंड तेल को बनाने में अनेको 8 से 10 प्रकार के नए खतरनाक केमिकल्स मिलाए जाते है

जोकि आपके भोजन को स्वादिष्ट बनाने में सहायता करते है और तेल के अंदर जो चिकनाहट होती है उसको नष्ट करता है और बोडी के अंदर रोगों से बचाव के लिय तेल में पोषक तत्वों के रूप में चिकनाहट ही सब कुछ होती है वो रिफाइंड होने पर चली जाती है जिससे बोडी के अंदर ढेरो सरे रोग उत्पन्न होना शुरू हो जाते है

दांत दर्द के लिय आसान घरेलू उपचार |

रिफाइंड तेल खाने के नुकसान क्या क्या हो सकते है | What are the disadvantages of eating refined oil in hindi ? | Riphaind tel khaane ke miksan kya kya ho sakte hai

कोलेस्ट्रोल की समस्या रिफाइंड तेल | Cholesterol Problem Refined Oil in Hindi

हमारी बोडी का स्तर बनाए रखने में बोडी के अंदर कोलेस्ट्रोल का लेवल कम होना बहुत ही जरुरी है क्योकि कोलेस्ट्रोल बढ़ने से पेट के चारो और चर्बी का निर्माण होता है जिससे शरीर के सभी अंगो तक रक्त का परिवहन अच्छी तरह से नही हो पता है और बोडी में एनर्जी भी बिलकुल कम हो जाती है चेहरे की खुशिया व् चेहरे की ताजगी भी कम हो जाती है यह इसलिय होता है की तेल हमारी बोडी के नादर जरुरी प्रोटीन और मिनरल्स की पूर्ति करता है

उनका होना हमारी बोडी के लिय बेहद ही जरुरी है जो की तेल को रिफाइंड करने से या गर्म करने से बिलकुल नष्ट हो जाते है जिससे आपकी बोडी को गहरा नुकसान होता है

जोड़ो एवं घुटनों के दर्द की समस्या | The Problem of Joint And Knee Pain is Caused by Refined Oil in Hindi

रिफाइंड तेल के लगातार सेवन करने से हमरी बोडी के अंदर जो जरुरी पोषक तत्व है जैसे केल्शियम , पोटेशियम , कार्बोहाईड्रेट एवं मिनरल्स की खास जरूरत होती है इससे हमारी हड्डियों तथा मांसपेशियों का निर्माण होता है जो की रिफाइंड तेल में बिलकुल नही होते है यह सब गर्म करने के बाद बिलकुल नष्ट होते है और तेल के चिकनाहट से ही हड्डियों को मजबूत बनाने में ऐड करता है

बालो के झड़ने की समस्या रिफाइंड तेल से होती है | Hair Fall Problem Caused by Refined Oil in Hindi

बालो के लिय भी तेल का बहुत बड़ा योगदान होता है तेल में पोषक तत्व होते है जिनसे बोडी के प्रत्येक भाग को बूस्ट यानि एनर्जी मिलती है बालो को काला एवं मजबूत बनाने में केल्शियम एवं मग्निशियम तथा प्रोटीनो का होना बेहद आवश्यक है और यह सभी तत्व आपके रिफाइंड तेल में बिलकुल नही होते है रिफैंड़तेल को बनाने के लिय उच्च ताप की आवश्यकता होती है जो बोडी के लिय बहुत ही नुकसान करता है

रिफाइंड तेल का इस्तेमाल करने से दिल का दौरा या हार्ट अटैक हो सकता है | Using Refined Oil Can Cause Heart Attack in Hindi

हमारी बोडी के लिय रक्त का परिसंचरण होना बहुत ही जरुरी है क्योकि जो बोडी की शिराओ एवं धमनियों में शुद्ध रक्त बहता है वो हमारी बोडी के सभी भागो में जाना जरुरी है और रक्त के साथ ऑक्सीजन का मिलना भी बेहद ही आवश्यक होता है रक्त को पतला बनाने में बोडी के अंदर पोषक तत्व जैसे प्रोटीन , फाइबर युक्त पदार्थ एवं मिनरल्स काफी सहायता करते है जिससे आपका ब्लड प्रेशर बिलकुल नार्मल 120 / 80 होगा लेकिन लेकिन फ्रेंड्स रिफाइंड तेल में शुधियो की जगह अशुधिया काफी ज्यादा होती है क्योकि तेल को शुद्ध करने के लिय अनेको केमिकल्स पदार्थ मिलाए जाते है

जिससे बोडी के अंदर हजारो की संख्या में रोग हो जाते है इसलिय आप दोस्तों कची घानी का सरसों का तेल उपयोग में ले या फिर कोई भी तेल जो प्राक्रतिक वनस्पतियों द्वारा तैयार किया जाता है

खाने में कोनसे तेल का प्रयोग करें ? | Which Oil to Use in Food in Hindi

फ्रेंड्स खाने में रिफाइंड तेल के आलावा जो भी प्राकृतिक वनस्पतियों वाले तेल जिसमे ज्यादा संख्या में पोषक तत्व जैसे मिनरल्स प्रोटीन युक्त वाले तेल का सेवन आप खाने में इस्तेमाल करे इससे आपकी बोडी के जितने भी भाग है उन सभी को मजबूत एवं हेल्दी बनाने में सहायता मिलेगी और प्राक्रतिक वनस्पति का तेल आपके कोलेस्ट्रोल के लेवल को भी कम करता है तथा रक्त को गधा होने से भी बचाव करता है

इसलिय आप वनस्पति के जितने भी तेल जैसे सरसों का तेल , जिसे सुर्ज्मिखी का तेल भी कहते है , नारियल का तेल , अरंडी का तेल , बांस का तेल , मूंगफली का तेल , तिल का तेल ये सभी तेल काची घनी के तेल आपको खाने में प्रयोग करना चाहिय क्या होता है की इन कची घानी के तेलों में प्रोटीन , विटामिन्स एवं मिनरल्स काफी भरपूर मात्रा में होते है जो आपकी बोडी की रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है और साथ में आपके कोलेस्ट्रोल का लेवल है उसको कम करने में भी सहायता करता है

रिफाइंड तेल कैसे बनता है ? | How is refined oil made in Hindi ?

फ्रेंड्स एक साधारण कोई भी तेल को रिफाइंड बनाने के लिय उसमे 6 से 7 नए खतरनाक केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है और तेल को डबल रिफाइंड बनाने के लिय उसमे 10 से 12 जहरीले केमिकल्स का पयोग किया जाता है इसलिय फ्रेंड्स हमारी सलाह है की आप इन रिफाइंड तेलों के सेवन से बचे यह आपकी बोडी को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचाते है खाने में शुद्ध काची घानी के वनस्पति तेलों का इस्तेमाल करे हो सकता है

आपको कचा वनस्पति तेल खाने में बॉस या दुर्गन्ध आती है या चिकनाहट अत्यधिक होती है जिससे आपको खाने में स्वाद कम हो लेकिन फ्रेंड्स यही तेल आपकी बोडी को रोगों से बचने में सहायता करेगा जब तेल को रिफाइंड किया जाता है

refined oil

तब तेल को उच्च तामपान पर गर्म करना पढता है जिससे तेल के अंदर जितने भी जरुरी पोषक तत्व होते है वे सब उबालने के बाद नष्ट हो जाते है आपको हम बता दे की दालो में जितना प्रोटीन होता है वे हमारी बोडी के लिय कितनी फायदेमंद होती है उसी प्रकार दालो के बाद जिस पदार्थ में प्रोटीन होता है तो वो दालो के बाद तेल में ही होता है जब तेल को गर्म किया जाता है तब उसमे से फैटी एसिड भी निकल जाता है और साथ में चिपचिपापन होता है

वो ही गर्म करने पर बाहर निकल जाता है उसके बाद तेल में कुछ नही होता केवल लिक्विड फोम में मलबा बचता है रिफाइंड तेल की विधि में ज्यादा केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है जिससे तेल के सभी गुणों को गर्म करके बाहर निकल दिया जाता है और तेल में खतरनाक केमिक्ल्सो का इस्तेमाल करके इसे तैयार किया जाता है

इसलिय फ्रेंड्स इस तेल का सेवन बिलकुल ना करे आप केवल शुद्ध प्राक्रतिक वनस्पतियों के तेल का इस्तेमाल करे वनस्पति तेलों में सबसे बेस्ट नारियल का तेल , अरण्डी का तेल , सरसों का तेल , मूंगफली का तेल और तिलों के तेल को सबसे बेस्ट माना है इन्ही का सेवन करे ताकि आपको ह्रदय रोग तथा जोड़ो घुटनो के दर्द से बचा जा सके

तेल से समन्धित अक्सर पूछे जाने वाले बेस्ट प्रश्न और उतर

FAQ’S

प्रश्न 1 . रिफाइंड खाने से क्या नुकसान होता है ?

उतर – रिफाइंड तेल खाने से आपको जोड़ो के दर्द या घुटनों के दर्द की समस्या हो सकती है तथा कोलेस्ट्रोल और ब्लड प्रेशर की प्रोबलम होने का खतरा होता है

प्रश्न 2 . ज्यादा तेल खाने से क्या बीमारी होती है ?

उतर – तेलिय पदार्थो के ज्यादा सेवन करने से आपको पेट से समन्धित कई रोग विकार उत्पन्न हो सकते है जैसे आपका कोलेस्ट्रोल लेवल बढ़ सकता है और दिल का दौरा पड़ने का खातर भी हो सकता है

प्रश्न 3 . कोनसा तेल खाना चाहिय ?

उतर – आपको शुद्ध प्राकृतिक वनस्पति वाले तेल जैसे मूंगफली का तेल , सर्स्सो का तेल , अरण्डी का तेल , तिलों के तेल का सेवन करना बहुत ही फायदेमंद होता है यह आपके कोलेस्ट्रोल एवं ब्लड के सर्कुलेशन को control करने में सहायता करता है

प्रश्न 4 . रिफाइंड तेल क्या है ?

उतर – एक साधारण तेल को पश्च्युराइज करके उसे उच्च ताप पर गर्म करने को ही तेल को रिफाइंड कहते है इस तेल को रिफाइंड करने के लिय 6 से 7 केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है और डबल रिफाइंड में 10 से 12 केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है रिफाइंड तेल से साधारण तेल में जो पोषक तत्व और चिपचिपापन होता है उसको गर्म करके बाहर निकलता है

प्रश्न 5 . एक दिन में कितना तेल खाना चाहिय ? | refined oil side effects in hindi

उतर – आप एक दिन में 20 से 30 ग्राम ही तेल का सेवन करना चाहिय और अगर आप किसी पुराणी बीमारी से ग्रसित है तो आप तेलिय पदार्थो का सेवन बिलकुल नही करे

प्रश्न 6 . रिफाइंड तेल रेट 2021 today 15kg क्या है | disadvantages of refined oil

तर – वर्तमान स्थति में बाजार में बहुत से ब्रांड के रिफाइंड तेल मोजूद है अनेको वेराइटी के प्रोडक्ट उपलब्ध है लेकिन सोयाबीन रिफाइंड तेल की 2021 में प्रति किलो के हिसाब से 175 रुपया kg के हिसाब से मिलता है यह रेट सभी राज्यों में एकसमान नही है

प्रश्न 7 . रिफाइंड तेल खाने से क्या होता है? | mustard oil vs refined oil

उतर – देखिए दोस्तों रिफाइंड तेल का उपयोग खाने में करने से आपको सबसे ज्यादा नुकसान आपे हृदय घात से समन्धित बिमारिय उत्पन्न होती है साथ में बोदी में बेड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के चांस बढ़ जाते है इसलिय हमारी सलाह है की आप कच्ची घानी का शुद्ध तेल इस्तेमाल करें

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