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बच्चो की बुखार (टाइफाइड ) के 10 घरेलू इलाज क्या है | home remedies for fever ( typhoid ) children in hindi |

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बच्चो की बुखार (टाइफाइड ) के 10 घरेलू इलाज क्या है | home remedies for fever ( typhoid ) children in hindi | children fever reduce | typhoid care | typhoid ka ghrelu ilaj | typhoid ka ilaj | बच्चों में टायफाइड का इलाज | बच्चो में टायफाइड के लक्षण | टायफाइड को जड़ से खत्म करने का इलाज |

बच्चों में टायफाइड के 10 घरेलू इलाज

typhoid – टायफाइड एक प्रकार की संक्रमित बीमारी है टाइफाइड कोई मौसमी बीमारी नही है यह दूषित या गन्दा पानी एवं भासी भोजन खाने से उसमे जो मोजूद बेक्टीरिया है वे पेट के अंदर चले जाते है जिससे टाइफाइड हो जाती है टायफाइड को म्यादी बुखार भी कहते है यह अक्सर साल्मोनेला नामक बेक्टीरिया के कारण व्यक्ति को टायफाइड से ग्रसित करती है फ्रेंड्स जब आपके घर में बच्चो को टाइफाइड हो जाती है तो आप तुरंत doctor के पास जाते है मगर आपकी जानकारी के लिय बता दे की आप इस मयादी बुखार को घरेलू सामग्रियों के जरीय भी ठीक कर सकते है |

वैसे तो यह टायफाइड बीमारी इतनी सामान्य नही होती है यह पहले दिन से 4 दिनों तक तो इसके लक्षण आपको नजर नही आते है बिलकुल सामान्य लगती है मगर जैसे ही यह बीमारी शरीर के सभी अंगो को संक्रमित करती है तो फिर बचना मुश्किल हो जाता है इस बुखार में आपकी बोडी में जो रक्त है उसका पानी बनना शुरू हो जाता है |

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लेकिन आपको इनके लक्षण जैसे ही नजर आए तो आप इन घरेलू उपायों के जरीय बड़ी आसानी से ठीक कर सकते है और साथ में आपको कुछ खान पान का भी खास ख्याल रखना होता है जिनके बारे में हम आपको आज के इस आर्टिकल में बताने वाले है इसलिय आप इस आर्टिकल पर बने रहें |

Table of Contents

बच्चों के लिए टाइफाइड के 10 घरेलू उपाय | home remedies for typhoid children

टाइफाइड बुखार छोटे बच्चो को ही नही बल्कि एक व्यस्क पुरुष व् महिला को भी हो सकती है यह अक्सर हमारे गलत खान पान में दूषित पानी पिने या फिर गन्दा बासी भोजन खाने से होता है इसका कारण है की फ्रेंड्स दूषित पानी या बासी भोजन में बेक्टीरिया ( जीवाणु ) होते है जो की आपके लीवर तथा फेफड़ो को प्रभावित करते है जिसके कारण आपको बुखार होती है यह कोई सीजन बुखार नही है यह कोई निश्चित गर्मी और सर्दी की बुखार नही है यह कभी भी हो सकती है इस टायफाइड बुखार को मयादी बुखार भी कहते है इस बुखार से ग्रसित बच्चो को सिने में जलन , सिर दर्द , उल्टी ,दस्त जैसे लक्षण देखने को मिलते है |

टायफाइड साल्मोनेला टाइफी नामक जीवाणु के कारण होता है इससे हमारा रक्त के साथ क्रिया करता है जो रक्त के साथ घुलनशील होकर पूरी बोडी में फ़ैल जाती है जिससे बच्चो को बहुत ज्यादा तकलीफ होती है इसे समय पर इलाज नही किया जाए तो फ्रेंड्स बच्चो की जान भी जा सकती है इसलिय आप अपने बच्चो का पूरा ख्याल रखे क्योकि बच्चे आने वाले देश के भविष्य होते है यह आपके बुढ़ापे का सहारा बनते है |

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टाइफाइड क्या है What is typhoid in hindi

बासी भोजन एवं दूषित पानी के पिने से हमारे शरीर में बेक्टीरिया पैदा हो जाते है जो हमारे रक्त के साथ घुलनशील होकर बोडी के प्रत्येक अंगो को प्रभावित करते है जिसके कारण टायफाइड होता है यह साल्मोनेला टाइफी नामक वायरस के कारण होता है टायफाइड संक्रामक बीमारी है जो की खासकर हमारे गलत खान पान की वस्तुओ के कारण ही होता है इससे हमारे फेफड़े तथा आंते , लीवर आदि प्रभावित होते है टायफाइड बुखार को सामान्य भाषा में मयादी बुखार के नाम से भी जाना जाता है टायफाइड से ज्यादातर बच्चे प्रभावित होते है यह बीमारी इतनी सामान्य नही होती है |

इसका असर बहुत खतरनाक होता है यदि इसका इलाज समय पर नही किया जाए तो आपको काफी नुकसान हो सकता है टायफाइड अक्सर ज्यादातर बाहर का खाना जैसे ज्यादा तेल से बनी या तेज मसालेदार पकोड़े जो पुरे सुबह के तैयार किए हुए को आप श्याम के समय खाने से उस खाने में बेक्टीरिया पैदा हो जाते है जिसके कारण आपको टायफाइड होता है typhoid से पीड़ित बच्चे को सिर दर्द , सिने में जलन , सिर चकराना , बार बार उल्टी होना , भूख न लगाना जैसे कई लक्षण सामने आते है इन लक्षणों को आप बिना नजर अंदाज कीर सीधे doctor से सम्पर्क करना ही बेहतर होता है |

बच्चो में टायफाइड के लक्षण क्या होते है | typhoid ka ghrelu ilaj

  • सबसे प्रमुख लक्षण है की बच्चे को तेज बुखार होती है
  • पूरा शरीर काफी तेज गर्म हो जाता है जिसके कारण इनकी आँखे भी नही खुलती है
  • शरीर का तापमान 104 डिग्री फारेनहाइट से ऊपर होना
  • बच्चे की भूख बिलकुल बंद हो जाना
  • सिर दर्द होना
  • सिने में तेज जलन होना
  • अधिक ठंड लगना
  • शरीर डिहाइड्रेशन होना
  • कमजोरी आना
  • चलने की ईच्छा बिलकुल नही होती है
  • आँखों से पानी गिरना
  • चेहरा लाल हो जाना
  • दस्त बार बार लगना
  • कब्ज तथा गैस की समस्या होना इत्यादि कई लक्षण देखने को मिलते है

फ्रेंड्स अगर आपके बच्चे में बुखार के समय इन इस प्रकार के लक्षण नजर आए तो आप जन लिजिय की आपका बच्चा टायफाइड से पीड़ित है और इस बच्चे को या तो आप घरेलू उपचार देकर ठीक करे या फिर बच्चा काफी ज्यादा पीड़ित है तो आप doctor के पास जरुर चेक करवाए ताकि इनका इलाज आसानी से हो सके |

टायफाइड से बचने की कुछ जरुरी टिप्स | typhoid ka ilaj

  • टाइफाइड होने पर आप तेज मसाले जैसे मिर्च , धनिया , हल्दी पावडर से बनी हुई वस्तुओ का सेवन कम करे
  • एक साथ भरपेट भोजन नही करना है
  • हार्ड भोजन जैसे मटन ,चिकन , मछली आदि का परहेज करे
  • ज्यादा तेज धुप में बाहर नही निकले
  • अपने सिर या माथे पर गिला कपडा लगाए रखे
  • जिन पदार्थो से गैस बनती है जैसे केला कटहल दूध आदि का सेवन नही करे
  • आलू पराठे या फिर समोसा कचोरी आदि बाजार से बनी हुई वस्तुओ का सेवन बिलकुल ना करे
  • लहसुन और प्याज जैसे तीखे गंद वाले पदार्थो का सेवन नही करे तो ही बेहतर होगा
  • आप दिन में 8 से 10 गिलास पानी पिए
  • विटामिन c के जितने भी फल फ्रूट्स है उनका जूस पिए
  • फाइबर युक्त पदार्थो का सेवन करे जिससे आपका पाचन तन्त्र मजबूत होगा
  • ज्यादा परेशानी हो तो आप doctor के पास जरुर चेक करवाए

टाइफाइड को ठीक करने के घरेलू उपचार | Home remedies to cure typhoid in hindi

1 . टाइफाइड के उपचार में ‘ सेब का सिरका ‘

सेब का सिरका आपके बच्चो की टायफाइड को दूर करने में बहुत लाभदायक है इसमें मोजूद तत्व आपकी बोडी में एंटी ओक्सिडेंट का कार्य करता है इससे सेवन करने से बच्चो की जो बार बर्ड दस्त की प्रोबलम है उसको reduce करता है साथ में टायफाइड में जो बोडी का तापमान 104 डिग्री फारेन हाइट होता है उसको कम करने में सहायता करता है एवं पेट की गर्मी को बाहर निकालने में मदद करता है |

आप अपने बच्चे को सुबह और श्याम दोनों टाइम खाना खाने से एक घंटे पहले इसको सिमित मात्रा में ही एक गिलास पानी के साथ सेवन कराना है और इस प्रक्रिया को अगले 5 से 7 दिनों तक नियमित रूप से करते है तो आपके बच्चे की कमजोरी बिलकुल दूर होगी और पेट के सभी रोग विकास भी बड़ी आसानी से दूर करने में सहायता करेगा |

जरुर पढ़ें – डिहाईड्रेशन क्या है , और बचने के उपाय

2. ‘ तुलसी ‘ टायफाइड के उपचार में फायदेमंद है

तुलसी के ओषधिय गुण आपकी टायफाइड को दूर करने की क्षमता रखती है इसमें मोजूद एंटी ओक्सिडेंट तथा एंटी इम्फ्लेमेट्री के गुण आपके रक्त में जो बेक्टीरिया है उनको मारने तथा तापमान को नियंत्रित करने में बहुत सहायक है तुलसी की पत्तिय एंटी बायोटिक होती है जोकि आपकी बोडी में इम्युनिटी सिस्टम को मजबूत एवं ताकतवर बनाने में मदद करती है आप अपने बच्चे को टायफाइड के उपचार में तुलसी की पत्तियों को उबालकर उसके पानी के साथ एक चमच शहद को मिलकर इस काढ़े को पिलाने से टायफाइड से छुटकारा मिल सकता है |

यह भी पढ़ेंतुलसी के कई फायदे

3 . ‘ केला ‘ टायफाइड को दूर करने में लाभकारी है

फ्रेंड्स केला भी आपके बच्चे की टायफाइड या म्यादी बुखार को ठीक करने में बहुत उपयोगी है केले में मोजूद कार्बोहायड्रेट , जिंक , आयरन , प्रोटीन ,खनिज पदार्थ तथा केलौरी से भरपूर होता है जोकि आपके पेट तथा थकान को दूर करता है और शरीर में एनर्जी को बूस्ट करने में सहायता करता है इसलिय आप दूध के साथ दो केले सुबह और श्याम दोनों समय लेना है इससे आपका डायजेशन सिस्टम भी ताकतवर होगा और हेल्दी स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करगा |

4 . ‘ लौंग ‘ मयादी बुखार को दूर करने में फायदेमंद है

टायफाइड जैसी बीमारी को दूर करने में लौंग आयुर्वेदिक ओषधि है यह एंटी ओक्सिडेंट तथा एंटीबायोटिक होता है जोकि आपकी पेट दर्द तथा रक्त का चाप को control करने में सहायता करता है लौंग आपके पेट के कीड़े तथा बेक्टीरिया को मारने में भी सहायक है जिससे पेट के सभी रोगविकार दूर करता है आप 4 से 5 लौंग लेना है और एक गिलास पानी में डालकर इसे अच्छी तरह से उबालना है पानी उबालने के बाद आप इसमें एक चमच शहद को मिलाकर दिन में 3 से 4 बार पिलाए यह आपकी बोडी में जो जीवाणु है उनको मारने का कार्य करेगा और साथ में इम्युनिटी सिस्टम को बढ़ाने में भी सहायता करेगा |

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5 . पानी और विटामिन c के तरल पदार्थो का सेवन खूब करे

दोस्तों बच्चो में टायफाइड होने पर शरीर में कमजोरी एवं थकान हो जाती है क्योकि टायफाइड में बच्चो को दस्त तथा उल्टी होती है जिससे डिहाइड्रेशन ( निर्जलीकरण ) हो जाता है जिसके कारण शरीर में पानी की कमी हो जाती है ऐसे में आप अपने बच्चो को विटामिन c के स्रोत जैसे निम्बू , आंवला , संतरा , दही आदि का जूस बनाकर दिन में 4 से 5 बार एक एक गिलास पिलाए और साथ में ठंडा पानी बार बार कम से कम 8 से 10 गिलास पानी बोडी के अंदर जाना चाहिय |

जिससे आपके पैशाब की कब्जी भी दूर होगी और यूरिन भी बिलकुल अच्छी तरह से साफ हो जाएगा विटामिन c के जितने भी स्रोत होते है वे फाइबर युक्त तथा कार्बोहायड्रेट के बने होते है और निर्जलीकरण को दूर करने में इन सभी पोषक तत्वों की खास जरूरत होती है बच्चो को टायफाइड में नारियल का पानी और ग्लोकोज d का घोल भी पिला सकते है जिससे बच्चो में एनर्जी बनी रहेगी और भूख को बढ़ाने में सहायता मिलेगी |

6 . टायफाइड के इलाज में ‘ छाछ ‘ भी उपयोगी है

बच्चों में टायफाइड को कम करने एवं आराम पाने में छाछ एवं लस्सी भी काफी फायदेमंद होती है लस्सी में जो गुण मोजूद होते है वे आपके पाचन तन्त्र को स्ट्रोंग बनाने में सहायक है तथा तजा सुबह की छाछ आपकी भूख को बढ़ाने में सहायक होती है और आपकी बोडी को डिहाइड्रेशन होने एवं निर्जलीकरण होने से बचाव करती है इसलिय आप गर्मियों तथा सर्दियों दोनों ऋतुओ में सुबह एक गिलास छाछ पीना चाहिय इससे आपका कोलेस्ट्रॉल भी सामान्य रहता है |

7 . टायफाइड से आराम पाने में ‘ गीला ‘ कपड़ा बहु उपयोगी है

बच्चों में टायफाइड फ्रेंड्स अगर आपके बच्चे की बुखार या टायफाइड बुखार 104 डिग्री फारेनहाइट है तो आप इसके तापमान को सामान्य करने के लिय ठंडे पानी में सूती कपडे को गिला करके उसके सिर तथा माथे पर रखने से उसकी फीवर कम हो जाएगी और बोडी का टेम्प्रेचर भी बिलकुल नार्मल हो जाएगा जिससे बच्चे को टायफाइड से आराम मिलेगा इस गिले कपडे की पट्टी को आप बार बार गिला करके ठंडी हवा वाले स्थान पर बार बार करे इससे 20 मिनट के बाद बुखार बिलकुल सामान्य हो जाएगी |

8 . ‘ शहद ‘ टायफाइड के उपचार के लिय फायदेमंद है

बच्चों में टायफाइड आयुर्वेद कहता है की शहद प्राकृतिक रूप से आपके बच्चे की टायफाइड को दूर करने में बहुत उपयोगी ओषधि है शहद आपकी बोडी में एंटी ओक्सिडेंट का काम करता है इसमें मोजूद जरुरी पोषक तत्व आपके तापमान को नियंत्रित करने तथा भूख को बढ़ाने तथा थकान एवं डिहाइड्रेशन को दूर करने में सहायता करता है आप सुबह और श्याम एक गिलास गुनगुने पानी के साथ एक चमच शहद को मिलाएं तथा साथ में एक निम्बू को निचोड़कर उसके पानी को पिलाने से बच्चे की एनर्जी बूस्ट होगी |

टायफाइड होने पर डॉक्टर के पास कब जाना है

typhoid एक वायरस जनित बीमारी है जो की संक्रामक बेक्टीरिया के कारण होता है और यह अक्सर हमारे गलत खान पान जैसे दूषित पानी पिने , बासी भोजन या फिर बाहर का भोजन खाने से बोडी में अत्यधिक बेक्टीरिया उत्पन्न हो जाते है जिसके कारण बच्चो को typhoid या मयादी बुखार हो जाती है यह बुखार शुरूआती दिनों में तो सामान्य होती है मगर यह धिरे धिरे अगले 3 से 4 दिनों में काफी तेज हो जाती है मगर आप ने शुरूआती दिनों में इसका घरेलू उपचार कर लिय तो फिर तो यह जल्दी ठीक हो जाती है लेकिन आपने शुरुआत के दिन ऐसे ही निकाल दी तब आपको doctor के पास जरुर जाना है और doctor आपके बच्चे को जो भी मेडिसन या दवाइयां दे उनको समय समय पर बच्चे को देना है ताकि आपका बच्चा जल्दी से ठीक हो सके |

टायफाइड को जड़ से खत्म करने का इलाज

फ्रेंड्स आप अपने बच्चे की typhoid बुखार को जड़ से खत्म करना चाहते है तो आप इसको लगातार तुलसी की पत्तियां एवं शहद को सर्दियों के दिनों लम्बे समय तक सिमित मात्रा में दे इससे आपके बच्चे की इम्युनिटी सिस्टम मजबूत होगा और आपके बच्चे को दोबारा भी बुखार होने के चान्स कम हो जाते है

टायफाइड में क्या खाना चाहिय

बच्चों में typhoid अगर आपके बच्चे को typhoid fiver है तो उसको खाने में ज्यादा इम्युनिटी वाले पदार्थ जैसे विटामिन c के सभी स्रोत जैसे निम्बू , आंवला , संतरा , सेब आदि का जूस देना चाहिय जिससे उसकी बोडी में एनर्जी बनी रहे और पाचन तन्त्र भी स्ट्रोंग रहे साथ में आप लिक्विड के रूप में तजा छाछ व् ठंडा पानी भी दे सकते है जिससे निर्जलीकरण ( डिहाइड्रेशन ) से बचा जा सके

टायफाइड में चाय पीना चाहिय या नही

देखीय फ्रेंड्स वैसे तो चाय सर्दियों के मौसम में तो मसाले वाली चाय स्वास्थ्य के लिय काफी फायदेमंद होती है मगर यही चाय जब गर्मी का मौसम होता है और आपको बुखार है तो फिर इस चाय को नही पीना चाहिय इससे क्या होगा की आपका गला बार बार सूखेगा और मुंह से अजीब बदबू भी आएगी

बच्चो में टायफाइड के लक्षण

  • बच्चो को भूख कम लगना
  • पेट दर्द होना
  • सिने में जलन
  • सिर भरी एवं दर्द होना
  • दस्त बार बार लगना
  • कब्ज तथा पेट गैस की प्रोबलम होना
  • आँखों से गर्म पानी गिरना
  • बोडी पर छोटी छोटी फुन्सिया होना
  • गला सुखना व् साथ में हल्की खांसी भी आती है
  • शरीर आग की तरह बिलकुल गर्म होना
  • बुखार बार बार लगना इत्यादि लक्षण टायफाइड बुखार में देखने को मिलते है

टायफाइड कितने दिन तक रहता है | बच्चों में टायफाइड

typhoid सामान्य तौर पर अगले 4 से 7 दिनों तक रहती है अगर आपका बच्चा शारीरिक रूप से कमजोर है तो फिर 10 दिन तक भी रह सकती है

टायफाइड में किशमिश के फायदे | बच्चों में टायफाइड

बच्चों में typhoid को तेज टायफाइड होती है तो स्नेक्स में किशमिश भी दे सकते है इससे आपके बच्चे की एनर्जी तथा भूख को बढ़ाने में मदद मिलेगी और खाना भी जल्दी पचेगा और बच्चे का सिर दर्द तथा सिने की जलन भी कम होगी

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