शतावरी के फायदे और नुकसान | Shatavari Benefits And Harms | Shatavari Khane Ke Fayde or Nuksan

shatawari ke fayde ( शतावरी के फायदे ) शतावरी हिमालय क्षेत्र में पाई जाने एक विशेष जड़ी बूटी है इसके अंदर बहुत से ऐसे गुण मोजूद होते है जोकि हमारी बोडी के अंदर रोग विकार होते है उनको धीरे धीरे ख़त्म करती है शतावरी को वैसे तिन प्रकार की बताई जाती है जिसकी पहचान उनके रंगों के माध्यम से की जाती है शतावरी के बारे में देश के बहुत कम लोग जानते है की शतावरी हमारे शरीर में कितना benefits देती है और इसमें कोनसे तत्वों एवं पोषक तत्व पाए जाते है जोकि शरीर का संतुलन बनाए रखती है शतावरी भारतीय आयुर्वेद की जड़ी बूटियों में सबसे प्राचीन ओषधि बताया गया है

शतावरी के फायदे और नुकसान

शतावरी के फायदे और नुकसान | Shatavari Benefits And Harms | Shatavari Khane Ke Fayde or Nuksan | शतावरी के फायदे , पुरुषों के लिए शतावरी के फायदे | महिलाओं के लिए पतंजलि अश्वगंधा और शतावरी के फायदे | शतावरी के फायदे इन हिंदी | shatawari ke fayde | shatawari ke benefits | benefits of shatawari in hindi |

लोग कहते है की शतावरी के बारे में बाइबिल , गीता , कुरान में भी इसके ओषधिय गुणों के बारे में बखान किया है आखिर शतावरी के अंदर कोनसे गुण मोजूद होते है , और इसका सेवन किस प्रकार करना चाहिय , सतावरी खाने से क्या कोई साइड इफेक्ट होता है , क्या शतावरी के खाने से नुकसान भी होता है इस प्रकार के आपके तमाम सवालों के जवाब आपको आज के इस आर्टिकल में मिलने वाले है इसली आप इस उल्लेख को ध्यान से पढना |

Table of Contents

शतावरी के फायदे और नुकसान | Shatavari Benefits And Harms

shatawari ke fayde( शतावरी के फायदे ) पुराने ज़माने में लोग शतावरी , अश्वगंधा , त्रिफला इन जड़ी बूटियों के भयंकर से भंयकर बीमारी को जड़ी बूटी के माध्यम से बिलकुल जड़ से ख़त्म कर देते थे शतावरी भारत के हिमालयी क्षत्रो की बेस कीमती जड़ी बूटी है ये हमारे शरीर की अंत क्रिया और बाह्य दोनों के लिय बहुत ही फायदेमंद है इसके सेवन करने से आपके पेट के अंदर जितने भी रोग विकार है जैसे कब्ज , गैस , दर्द , पेट का फुलाना आदि समस्या को दूर करने में सहायक है शतावरी एक एंटी ओक्सिडेंट का कम करती है जो की हमारी बोडी में शक्ति वर्धक का कम करती है |

खास कर इसका इस्तेमाल आप सेक्सुअल मामले जैसे वीर्य का न बनना , जोड़ो में दर्द घुटनों के , अनियमितता , थकान आदि समस्याओ का रामबाण आयुर्वेदिक ओषधि शतावरी को माना गया है शतावरी के बारे में हमारे देश में बहुत ही कम लोग जानते है की आखिर शतावरी क्या है ये सवाल ज्यादातर लोगो का होता है तो चलिय फ्रेंड्स आइये पहले जानते है की शतावरी क्या है

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(Asparagus) शतावरी क्या है | What is Shatavari ( शतावरी के फायदे और नुकसान )

(Shatavari ) शतावरी एक विशेष प्रकार की जड़ी बूटी है इस्नेको फायदे है हमारी बोडी के लिय शतावरी को संस्कृत भाषा में शतमूली कहते है पुराने ग्रंथो में भी शतावरी के विशेष के गुणों के बारे में कहा गया है की इसके नियमित सेवन करने से आपकी बोडी में जिन पोषक तत्वों की कमी है या फिर पेट से समन्धित कोई भी रोग विकार है उन सभी को दूर करने में काफी फायदेमंद ओषधि है शतावरी का इस्तेमाल आप दूध के साथ कर सकते है शतावरी को तिन भागो में विभाजित किया है रंग के अधर पर भी शतावरी को तिन प्रकार से जानते है हरा , भूरा , सफ़ेद रंग में पाई जाती है शतावरी एक लम्बी बेल के आकर में मोजूद होती है जिसकी लम्बाई 20 से 30 मिअता तक पाई जाती है इसके पत्ते और जेड दोनों का ही शरीर के लिय आहम योगदान है |

Asparagus की जड़ो पर भूरे रंग की एक परत होती है इसको हटाने पर अंदर से सफ़ेद दूध के समान जड़े पाई जाती है उनका इस्तेमाल शरीर के लिय काफी फायदेमंद है शतावरी के अंदर ऐसे बहुत से एंटी ओक्सिडेंट के गुण मोजूद होते है जो आपके रोग विकार अपच जैसे सभी समस्याओ को जड़ से ख़तम करने में बहुत ही लाभदायक है |

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भाषाओ के आधार पर शतावरी के नामो का उल्लेख

शतावरी को भिन – भिन क्षेत्रो में अलग – अलग नामो से पुकारा जाता है ये हमारे देश के आलावा नेपाल , श्रीलंका , चीन , के क्षेत्रो में भी मोजूद होती है लेकिन सभी को इस्केबहू मूल्य गुणों के बारे में पता नही है |

  • शतावरी को हिंदी भाषा में शतावरी , शातवती , शतमूल आदि नमो से जानते है |
  • संस्कृत भाषा में – शतमूली , शत्सत्वती , शतपदी और महाशिता के नाम से भी जानते है |
  • इंग्लिश में – वाइल्ड एसपेरागस ( Wild Asparagus )
  • उर्दू में – सतावरा |
  • उड़िया में – चोतारू |
  • बंगाली भाषा में – शतमूली , सतमुली ऐसे अलग अलग क्षेत्रो में शतावरी के अनेको नाम होते है |

शतावरी के फायदे | Benefits of Shatavari

shatawari ke fayde( शतावरी के फायदे ) शतावरी के ऐसे बहुत से फायदे है जिनके इस्तेमाल करने के बहुत से तरीके है हम आपको बताना शुरू कर्नेगे तो एक किताब के 10 पेज जितनी लम्बी कहानी हो जाएगी लेकिन में आपको ऐसे बहुत ही विशेष रोग विकार जो आमूमन लोगो में होते है उनके फायदे के लिय जो जरुरी सामग्री है उनके बारे में ही चर्चा करूँगा शतावरी के बारे में आयुर्वेद ने जिन उपायों के बारे में या फिर रोग विकार के बारे में बताया गया है उन्ही के बारे में आपको बताता हूँ की शतावरी के कितने फायदे है और ये इस प्रकार काम करती है |

1 . अनिद्रा ( नींद न आने ) की समस्या का जड़ से इलाज शतावरी | Asparagus Treatment From The Root of The Problem of Insomnia

मानसिकता या तनाव के कारन बहुत से लोगो को दिन में या रात में नींद नहीं आती है उन्हें अनिद्रा रोग हो जाता है इस रोग का दोस्तों रामबाण उपाय है की आप शतावरी चूर्ण का इस्तेमाल करे शतावरी चूर्ण के साथ दूध और दो चमच गाय का घी मिलाकर आप खाना खाने के बाद नियमित रूप से पिने से आपकी अनिद्रा रोग की समस्या जड़ से ख़त्म हो जाएगी क्योकि शावातरी के अंदर बहुत से पोषक तत्व मोजूद होते है जोकि आपकी बोडी में एंटी ओक्सिडेंट का काम करती है |

2 . वजन घटाने के लिय या वजन कम करने के लिय शतावरी चूर्ण का इस्तेमाल | Use of Asparagus Powder For Weight Loss or to Lose Weight

शतावरी आपका वजन काम करने में भी बहुत योगदान करती है क्योकि शतावरी आपकी बोडी के अंदर मेटाबोलिज्म को बढ़ाने में बहुत ही कामगार उपाय है इसमें मोजूद जो एंटी ओक्सिडेंट होते है उनका कार्य है की आपकी बोडी के अंदर फालतू जो पेट या कमर के चारो और की चर्बी है उनको तेजी से घटाने में कम करती है आपको सुबह और श्याम खली पेट गुनगुने पानी के साथ एक चमच शतावरी चूर्ण को मिलाना है और साथ में एक चमच शहद को मिलकर आपको अच्छी तरह से मिलाना है उसको आप रोजाना 20 से 25 दिनों तक उपयोग में लेने से आपकी फालतू जमी चर्बी को पसीने के रूप में बाहर कर देगी और साथ पेट के जितने भी रोग है उनको दूर करने में भी सहायक है |

shatawari ke fayde( शतावरी के फायदे )

3 . कैंसर के उपचार में शतावरी के फायदे | Benefits of Shatavari in The Treatment of Cancer

कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी को दूर करने में भी शतावरी का प्य्र्योग किया जाता है कहते है की शतावरी के अंदर वे कई गुण मोजूद होते है जो की कैसर के उपचार में रेडियोथ्रेपी और किमो थ्रेपी के अंदर जो सल्फोराफेन नमक पदार्थ होता है जो आपके कैंसर के उपचार में बहुत ही फायदेमंद है उसी प्रकार शतावरी के अंदर भी सल्फोराफेन नामक ओषधिय गुण पाया जाता है शतावरी को आप सुबह और श्याम दोनों टाइम खाना खाने के बाद या पहले आपको गुनगुने पानी के साथ या गिर दूध में एक चमचा डालकर उसको हलकी आंच पर पकाना है उसके बाद नित्य आप सेवन करने से आपकी कैसर बीमारी के लिय बहुत ही सहायक है |

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4 . डायबिटीज या मधुमेह के उपचार में शतावरी का इस्तेमाल | Use of Shatavari in The Treatment of Diabetes

फ्रेंड्स शतावरी मधुमेह के इलाज के लिय भी बहुत ही गुणकारी आयुर्वेद ओषधि माना गया है कहते है की शतावरी के अंदर बहुत से पोषक तत्व मोजूद होते है जोकि आपके उच्च रक्त चाप को control करता है तथा शुगर के लेवल को भी मेंटेन करता है शतावरी के अंदर एंटीबायोटिक गुण होते है तथा हाइपर ग्लैसेमिक मोजूद होता है जिससे आपका शुगर लेवल का ph मान को control करता है शतावरी को आप खाने के परहेज के साथ दूध या गुनगुने पानी के साथ 2 से 3 ग्राम शतावरी चूर्ण को मिलकर लेना है इससे आपकी डायबिटीज बीमारी को जड़ से ख़त्म कर देगा |

5 . प्रेगनेंसी के इलाज में शतावरी चूर्ण का योगदान | Contribution of Shatavari Powder in The Treatment of Pregnancy

shatawari ke fayde( शतावरी के फायदे ) दोस्तों शतावरी महिलाओ के लिय भी बहुत ही बेस कीमती जड़ी बूटी माना है आयुर्वेद के अनुसार प्रेगनेंसी धारण महिला को फोलेट पोषक तत्व की मात्रा बहुत ही आवश्यक है फोलेट गर्भवती महिला के लिय बहुत जरूरी तत्व है इसके द्वारा माँ और बच्चे दोनों के अंदर जिन तत्वों का आभाव है उनकी पूर्ति करने में सहायक है लेकिन दोस्तों ध्यान रहे की गर्भवती महिला इस शतावरी चूर्ण का इस्तेमाल बिना doctor की सलाह उपयोग में ना ले क्योकि शतावरी जितना हमारे शारीर के लिय फय्देमंद्द है उतना ही इसका साइड इफेक्ट भी होता है |

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6 . स्तनों में दूध बढ़ाने में शतावरी का इस्तेमाल | Use of Shatavari to Increase Milk in Breasts

बच्चे की माँ को दूध की समस्या है जिससे उनके बच्चे को जो जरुरी तत्व की जरूरत होती है उनकी पूर्ति करने के लिय माँ का दूध ही सर्वश्रेष्ठ माना गया है लेकिन कई महिलाओ को दूध की समस्या हो जाती है उन महिलाओ को शतावरी चूर्ण को 2 से 3 मिली ग्राम दूध के साथ मिलकर लेने से आपके स्तनों से बहुत ज्यादा दूध मिलना शुरू हो जाएगा क्योकि शतावरी के अंदर वे गुण मोजूद होते है जैसे केल्शियम , पोटेशियम और मैग्नीशियम जैसे तत्व पाए जाते है जो स्तनों के दूध को बढ़ाने में काफी सहायक है और शतावरी एंटी ओक्सिडेंट का कम करती है |

7 . सेक्सुअल शक्ति को बढ़ाने में शतावरी चूर्ण का प्रयोग | Use of Shatavari Benefits for Increasing Sexual Power in Hindi

आयुर्वेद के अनुसार कहा जाता है की शतावरी और अश्वगंधा चूर्ण आपकी कमजोर बोडी या स्टेमिना को बढ़ाने एवं बलवर्धक बनाने में बहुत ही योगदान देते है आज हमारे समाज में बहुत लोगो का सेक्सुअल समस्या है मर्दानगी बिलकुल कमजोर है उनको इस परशानी से बहुत ही शर्मिंदगी महसूस होती है उनके लिय शतावरी एक बेस्ट आयुर्वेदिक जड़ी बूटी की ओषधि माना गया है अगर आप नियमित रूप से शतावरी के चूर्ण को दूध में डालकर हलकी आंच पर पकाकर उसकी खीर बनाकर आप सुबह श्याम सेवन करते हो तो आपको सेक्सुअल समस्या बिलकुल जड़ से ख़त्म हो जाएगी और आपका स्टेमिना भी बिलकुल बरकरार रहेगा और एक हेल्दी बोडी देखने को मिलेगी |

8 . सर्दी झुकाम के लिय शतावरी चूर्ण का प्रयोग | Benefits of Shatavari in Treating Cold and Cough in Hindi

यह शतावरी चूर्ण आपकी खांसी झुकाम बलगम को बाहर निकालने में भी बहुत ही सहायक है शतावरी के अंदर एंटी ओक्सिडेंट पाया जाता है और शतावरी गर्म प्रकृति की जड़ी बूटी है जिसका इस्तेमाल करने से शरीर के अंदर जितने भी बेक्टीरिया या कफ है उनको बाहर निकलने में मदद करता है इसलिय आप शतावरी को गर्म पानी में आधा चमच शतावरी चूर्ण को डालकर सुबह श्याम लेने से आपका कफ सर्दी झुकाम बिलकुल दूर हो जाएगा |

9 . काली खासी या सुखी खासी का रामबाण उपाय शतावरी | Shatavari Benefits in Dry Cough Treatment in Hindi

आयुर्वेद कहता है की आपको खासी की समस्या वात , पित और कफ दोष के कारन आती है शरीर में चिकना कफ जैम जाता है जिससे बाहर निकालने में लोगो को बहुत सी मेडिसिन दवाइया लेनी पड़ती है मगर पूरी तरह से फिर भी खासी जाती है नही है उनके लिय आप शतावरी के चूर्ण को मिश्री और शहद इन तीनो को आपस में मिलकर सुबह श्याम और दोपहर तिन टाइम लेने से आपकी पुराणी से पुराणी सुखी काली खांसी जड़ से ख़त्म हो जाएगी और आपको साँस लेने की कोई भी समस्या नही होगी |

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10 . बवासीर के इलाज में शतावरी का इस्तेमाल | Uses of Shatavari in Piles Treatment in Hindi

शतावरी चूर्ण आपके बवासीर की तकलीफ के लिय भी बहुत ही फायदेमंद है आप सुबह और श्याम गर्म दूध में शतावरी चूर्ण की 5 ग्राम मात्रा को मिलाकर पिने से आपकी बवासीर की समस्या अगले 7 से 8 दिनों के अंदर कम होना शुरू हो जाएगी और साथ में पेट दर्द जैसी समस्या से भी छुटकारा मिलेगा |

11 . अपच या भोजन को पचाने में शतावरी चूर्ण का इस्तेमाल | Shatavari Uses in Pitta Disorder Benefits of Shatavari in Indigestionin Hindi

खाना खाने के बाद खाना नहीं पचता है जिससे आपे पेट के अंदर एसिडिटी हो जाती है जिसके कारन पुरे दिन पेट दर्द होता है आपकी पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है जिससे भूख लगना भी बंद हो जाता है ऐसे में आपको शतावरी को आधा चमच पावडर को आप शहद या दूध के साथ मिलकर सुबह और श्याम खाने से पहले पीना है और ज्यादा दिकत होने पर आप इस चूर्ण को खाने के एक घंटे बाद भी उपयोग में ले सकते है जिससे आपको अपच या पाचन समन्धि कोई भी दोष की प्रोबलम नही रहेगी |

12 . आँखों समन्धि रोगों से छुटकारा पाने में शतावरी के फायदे | Benefits of shatavari in eye problem

शतावरी आपको आँखों से समन्षित कोई भी सिकायत जैसे आँखों की रौशनी कम होना , आँखों में जलन , धुंधला दिखाई देना , मोतियाबिंद जैसे रोग दिखाई पड़े तो आप शतावरी चूर्ण का इस्तेमाल कर सकते है इसको आप सुबह द्य्ध या गुनगुने पानी के साथ मिलाकर उसमे एक चमच मिश्री को मिलाना है इस घोल को आप अगले कुछ दिनों तक इस्तेमाल करते हो तो आपको जल्द ही फायदा मिलेगा |

13 . बदहजमी या दस्त को रोकने में शतावरी का इस्तेमाल

दस्त को रोकने में शतावरी बहुत ही लाभदायक ओषधि है इसका इस्तेमाल आप गाय के घी के साथ या फिर दही में एम चमच शतावरी चूर्ण को मिलाकर उसके पेस्ट को आप सुबह श्याम खाने से पहले इस्तेमाल करना है आपको तेज मिर्ची वाली सब्जी से परहेज करना है |

14 . माइग्रेन के इलाज के लिय शतावरी का उपयोग

शतावरी बहुत ही एंटीबायोटिक ओषधि है जिसका इस्तेमाल आप माइग्रेन के उपचार में भी कर सकते है शतावरी के अंदर विटामिन के रूप में रैबिफ्लेविन पाया जाता है जो की आपकी माइग्रेन की शक्ति को बढ़ाने का कम करती है और भी कई पोषक तत्व मोजूद होते है शतावरी को आयुर्वेद की सबसे शक्तिशाली जड़ी बूटी माना गया है |

15 . शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में शतावरी चूर्ण का इस्तेमाल | Use of Shatavari Powder to Increase The Immunity of The body

हमारे शरीर को बनाए रखने में शरीर के अंदर रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी स्ट्रोंग होनी जरुरी है क्योक रोग प्रतिरोधक क्षमता कजोर होने से बोडी के अंदर बहुत से रोग विकार उत्पन्न हो जाते है जिससे बीमारिया एक बड़ा रूप ले लेती है इसके लिय आप नियमित रूप से 3 से 4 मिली ग्राम शतावरी के चूर्ण को दूध या गुनगुने पानी के साथ मिलकर उसमे स्वाद के लिय आप शहद का इस्तेमाल कर सकते है इससे आपकी इम्युनिटी सिस्टम control रहेगा जिससे एक हेल्दी शरीर बना रहेगा |

16 . मांसपेशियों एवं हड्डियों को मजबूत बनाने में शतावरी का प्रयोग | Use of Shatavari to Strengthen Muscles And Bones

शतावरी आपकी मांसपेशियों एवं हड्डियों को मजबूत बनाने में काफी फायदेमंद है हड्डियों का निर्माण बोडी के अंदर केल्शियम फास्फोरस एवं पोटेशियम व् मैग्नीशियम जैसे तत्व मोजूद होने जरुरी है और ये अब गुण पोषक तत्व शतावरी में भरपूर मात्रा में होते है जिससे आपकी मांसपेशिय और हड्डिया बिलकुल मजबूत और ताकतवर होगी |

17 . स्किन और बालो को झड़ने से रोकने में शतावरी का इस्तेमाल | Use of Shatavari to Prevent Skin And Hair Fall

शतावरी के चूर्ण को आप रोजाना दूध या पानी के साथ पिने से आपकी स्किन या त्वचा पर किसी प्रकार के दाग धब्बे या फुन्सिया नही होगी और ना हो बालो के झड़ने की समस्या होगी क्योकि शतावरी के अंदर मेलेट नामक तत्व मोजूद होता है जोकि आपकी त्वचा के लिय बहुत ही उपयोगी है और साथ में हार्मोन्स का स्राव करने में भी लाभदायक है जिससे आपको बालो को झड़ने एवं मजबूती प्रदान करने में सहायक है |

18 . बल्ड प्रेशर को control करने में शतावरी का प्रयोग | Use of Shatavari to Control Blood Pressure

जड़ी बूटियों में विशेष मानी जाने वाली शतावरी का इस्तेमाल आप अपने रक्त चाप ( बल्ड प्रेशर ) को control करने में भी उपयोग में लिया जाता है क्योकि शतावरी ग्राम प्रकृति का बेलदार पोधा है जोकि आपकी बोडी के अंदर के रक् को पटल एवं असुधियो को हटाने का कम करता है आप गुनगुने पानी के साथ सुबह खली पेट इसका 2 से 3 ग्राम इस्तेमाल करना है साथ में आपको काल ड्रिंक या चटपटे मसालेदार भोज्य पदार्थो से परहेज रखना है तो आपका बल्ड प्रेशर बिलकुल नार्मल कर देगा |

शतावरी से होने वाले नुकसान | Side Effects of Asparagus

  • खासकर शतावरी से महिलाओ को ज्यादा नुकसान होता है क्योकि रजोधर्म के लिय हानिकारक होता है ज्यदा सेवन करने से महिलाओ को बल्डिंग हो सकती है महिलाओ में ये किस कारन होता है शतावरी एक ग्राम प्रकृति का विषाक बेल वाला पोधा है जिसके सेवन करने में बहुत सी सावधानिय रखनी पड़ती है |
  • अत्यधिक मात्रा में सेवन करने से शतावरी आपके स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव भी डालती है |
  • आप शतावरी के सेवन करने से पहले खासकर महिलाए दोस्क्टर से सलाह जरुर ले क्योकि इसके ज्यादा मात्रा में सेवन करने से साइड effects भी होता है |
  • शतावरी के ज्यादा मात्रा में सेवन करने से आपको स्किन प्रोबलम जैसे चेहरे पर फुन्सिया होना , दाग धब्बे भी होने के चान्स होते है इसलिय आप नियमित मात्रा में ही सेवन करना चाहिय |
  • शतावरी का सेवन हार्ट अतिअक के मरीज को उपयोग में नही लेना चाहिय क्योकि ये हमारी बोडी के अंदर रक्त के स्राव को मेंटेन कटी है जिससे शरीर में गर्मी होने की सम्भावना हो जाती |
  • अस्थमा व् दमा के रोगी के लिय भी ज्यादा फायदेमंद नही है अगर वो शतावरी को लेना चाहे तो फिजिशियन चिकित्सक से सलाह जरुर ले |

Most Popular Question & Answere

शतावरी को कब खाना चाहिय

खासकर शतावरी को खाना खाने के बाद रत को सोते समय खाना बहुत ही फायदेमंद होती है क्योकि ये आपके पेट के अंदर जितने भी रोग विकार है उनको दूर करने में सहायक है |

(Shatavari )शतावरी की तासीर क्या होती है

Shatavari बहुत ही बहु मूल्य आयुर्वेदिक ओषधि है इसका इस्तेमाल आपकी बोडी के जितने भी रोग या वात पित और कफ से दोष है उनको बाहर करने में काफी सहायक है क्योकि शतावरी के अंदर फोलिक एसिड पाए जाते है तथा साथ में राइबोफ्लेविन विटामिन की मात्रा भी होती है |

(Asparagus)शतावरी चूर्ण पंतजली के फायदे

Shatavari के चूर्ण के वैसे तो कई फायदे होते है ये हमारी बोडी को control करता है अन्य बहुत से रोगों से बचने में काफी सहायक है खासकर पेट के अंदर जितनी भी समस्या होती है जैसे कब्ज , गैस , डीएसटी , पेट दर्द आदि समस्याओ से बिलकुल जड़ से ख़त्म करती है |

(Shatavari )शतावरी के फायदे पुरुषो के लिय

इस जड़ी बूटी का इस्तेमाल वैसे तो सभी कर सकते है मगर पुरुषो के लिय बहुत ही लाभदायक है क्योकि इसके अंदर बहुत से पोषक तत्व मोजूद होते है और साथ में मिनरल्स भी पाए जाते है जिसे आपकी बोडी बिलकुल स्वस्थ होती है |

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अश्वगंधा खाने के फायदे और नुकसान 

इलायची खाने के फायदे और नुकसान

करेला के फायदे और नुकसान

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